भिलाई। दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित खपरी गांव के वार्ड-4 में मंगलवार दोपहर करीब 3:15 बजे दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में अनिल उर्फ होमदास वैष्णव, उसकी दो बेटियां लक्ष्मी और चांदनी और दो साल की नातिन गोपिका शामिल हैं। हादसा इतना भयावह था कि महज 20 मिनट में पूरी झोपड़ी जलकर खाक हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट के बाद आग तारों के सहारे अनिल के घर तक पहुंची। झोपड़ी के ऊपरी हिस्से में प्लास्टिक और बांस लगे होने के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में घर के भीतर रखा गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया।
घटना के समय अनिल, उसकी दोनों बेटियां और नातिन घर के अंदर मौजूद थे। वहीं पास की दूसरी झोपड़ी में उसके पिता राधेश्याम थे। अनिल का बेटा गौतम अपने दोस्त अरविंद के साथ बाहर था। अनिल की पत्नी गिरजा और बेटी भारती भी घर से बाहर होने के कारण बच गईं।
प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नसीम ने बताया कि पहले बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी तारों से झोपड़ी तक पहुंची और आग फैल गई। नसीम ने बांस से बिजली का तार गिराया। फिर पड़ोसियों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की।
मोटर पंप से पाइप जोड़कर भी प्रयास किया, पर बिजली बंद हो गई। पंचायत का टैंकर पांच मिनट में पहुंच गया, लेकिन तब सबकुछ खत्म हो चुका था। प्रशासन ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख, जबकि राज्य सरकार ने पांच-पांच लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है।