किसानों ने नैनो डीएपी के उपयोग को बताया लाभकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2026 की फसलों (धान, दलहन, तिलहन आदि) के लिए सेवा सहकारी समितियों और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद व प्रमाणित बीजों का वितरण किया जा रहा है। इस बार पारंपरिक खादों के साथ-साथ वैकल्पिक उर्वरकों, जैसे नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड बलरामपुर के ग्राम संतोषीनगर निवासी किसान पवित्र सरकार ने सहकारी समिति श्बरदरश् की व्यवस्थाओं की सराहना की है। ढाई एकड़ कृषि भूमि के स्वामी पवित्र सरकार ने बताया कि उन्होंने खरीफ सीजन की तैयारी के लिए समिति से यूरिया और नैनो डीएपी प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी के उपयोग से फसलों को जरूरी पोषक तत्व प्रभावी रूप से मिलते हैं, जिससे पौधों की शुरुआती वृद्धि बहुत अच्छी होती है। कम मात्रा में इस्तेमाल होने के बावजूद इसका असर बेहतरीन रहता है, जिससे लागत कम होती है और ले जाने में भी सुविधा रहती है। उन्होंने आगे कहा कि समिति में खाद वितरण की प्रक्रिया बेहद सरल और सुव्यवस्थित थी, जिससे उन्हें किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों को समृद्ध और खेती को सुगम बनाना है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप राज्य में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भंडारण और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए, ताकि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर सामग्रियां मिल सकें।
बलरामपुर की कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले की सभी 37 सहकारी समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित पारदर्शी व्यवस्था के तहत ही किसानों को कृषि सामग्रियां दी जा रही हैं।खरीफ फसल की बुवाई से पहले ही पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है और जिला प्रशासन द्वारा इसकी कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है।
समय पर कृषि आदानों (खाद-बीज) की उपलब्धता से जिले के किसानों का उत्साह बढ़ा है और आगामी खरीफ सीजन में बंपर पैदावार की उम्मीद मजबूत हुई है। इसके लिए स्थानीय किसानों ने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।