खाद, डीजल और बिजली संकट से खेती-किसानी पर मंडरा रहा खतरा : लक्ष्मी साहू

राजिम। पूर्व सदस्य जिला पंचायत गरियाबंद व प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी लक्ष्मी साहू ने बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश और प्रदेश की आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और मूलभूत सुविधाओं की कमी से बुरी तरह परेशान है। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य पदार्थों तथा रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लूट के बाद अब सीएनजी के दामों में लगातार बढ़ोतरी कर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। सीएनजी के दामों में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। लक्ष्मी साहू ने कहा कि पिछले 12 दिनों में सीएनजी के दामों में कुल छह रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है। साहू ने कहा कि 15 मई को दो, 18 मई को एक, 23 मई को एक तथा 26 मई को फिर दो रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई है। छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश हैं, खेती किसानी मुख्य व्यवसाय है। खेती किसानी पर यहां की जनता व गरीब मजदूरों का जीवन यापन होता हैं। यूरिया, DAP और डीजल की पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से किसानों को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। खेती किसानी के लिए अभी टैक्टर की ज्यादा जरुरत होगी और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी और कमी से परेशानी होगी। पूर्व में गौठानों से वर्मी कंपोज़ खाद मिलने से किसानों को थोड़ी बहुत राहत मिलती थी, लेकिन अब गौठानों के बंद हो जाने से गोबर खाद भी मिलना मुश्किल है। इस भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से गामीण जनता परेशान है। गांवों में अब निस्तारी के लिए पानी की किल्लत हो रही है। वाटर लेबल बहुत नीचे चला गया है। सरकार समय रहते इन समस्याओं का उचित समाधान नहीं करती तो भविष्य में यह सब समस्या विकराल रूप धारण कर सकती हैं।